दिल्ली में लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी अरेस्ट, पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के निर्देश पर कर रहा था काम
Lashkar-e-Taiba Terrorist Arrested in Delhi
नई दिल्ली: Lashkar-e-Taiba Terrorist Arrested in Delhi: राजधानी दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. हाल ही में सामने आए मेट्रो पोस्टर केस में सक्रिय लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए स्पेशल सेल/एनडीआर की टीम ने इसके कथित हैंडलर शबीर अहमद लोन को गिरफ्तार किया है. इस कार्रवाई को राजधानी की सुरक्षा के लिहाज से बहुत अहम माना जा रहा है.
दिल्ली पुलिस के अनुसार यह मॉड्यूल दिल्ली मेट्रो परिसर व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर संदिग्ध पोस्टर लगाकर माहौल खराब करने व लोगों में भय पैदा करने की साजिश में शामिल था. जांच के दौरान ये भी सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े तत्व सक्रिय थे. इनका मकसद राजधानी में अस्थिरता फैलाना था.
स्पेशल सेल की टीम पिछले कुछ समय से इस मामले की गहन निगरानी में जुटी हुई थी. तकनीकी सर्विलांस व खुफिया इनपुट के आधार पर शबीर अहमद लोन की पहचान की गई, जिसे इस मॉड्यूल का मुख्य हैंडलर बताया जा रहा है. गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से कई अहम डिजिटल सबूत व संदिग्ध सामग्री भी बरामद हुई है, जिनकी जांच जारी है.
जांच एजेंसियों का मानना है कि शबीर अहमद लोन न सिर्फ इस मॉड्यूल का संचालन कर रहा था, बल्कि युवाओं को भड़काने व उन्हें आतंकी गतिविधियों में शामिल करने की भी कोशिश कर रहा था. उसके विदेशी संपर्कों व फंडिंग के स्रोतों की भी पड़ताल की जा रही है.
दिल्ली पुलिस मुख्यालय में इस मामले को लेकर आज वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा. अब तक की जांच से जुड़े अहम तथ्यों को साझा करेंगे. इस गिरफ्तारी के बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और भी कड़ी कर दी गई है. संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है. खुफिया एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे को लेकर सतर्क हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की साजिशों को समय रहते विफल करना उनकी प्राथमिकता है. आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी.
इससे पहले, 23 फरवरी को दिल्ली पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े होने के शक में आठ लोगों को गिरफ्तार किया था, जांच में पता चला कि यह मॉड्यूल शब्बीर अहमद लोन के साथ मिलकर काम कर रहा था. प्रारंभिक जांच में ये भी सामने आया है, शब्बीर अहमद लोन पहले आतंकवाद के आरोप में दस साल जेल में बिता चुका है. 2019 में उसे ज़मानत पर रिहा किया गया था, जिसके बाद वह भागकर बांग्लादेश चला गया था.
जानकारी में ये भी सामने आया है कि शब्बीर अहमद लोन, प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन के शीर्ष कमांडरों हाफ़िज़ सईद और ज़की-उर-रहमान लखवी के साथ सीधे संपर्क में था. ये दोनों ही 26/11 मुंबई हमलों के मुख्य साज़िशकर्ता हैं. दिल्ली पुलिस फिलहाल गिरफ्तार किए गए आठ लोगों से पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वे किसी मंदिर पर या किसी ऐसे इलाके में हमला करने की योजना बना रहे थे, जहां लोगों की भारी भीड़ रहती है.
जानकारी के मुताबिक लोन को भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों को संगठन में भर्ती करने और उन्हें कट्टरपंथी बनाने का काम सौंपा गया था. उसने गिरफ्तार किए गए आठ लोगों का 'ब्रेनवॉश' करके, उन्हें LeT की विचारधारा से जोड़ने में कामयाबी हासिल कर ली थी. लोन अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की तलाश में रहता था और दलालों के ज़रिए उन्हें आधार कार्ड जैसे नकली पहचान पत्र दिलवाता था. बताया ये भी जा रहा है कि इन आरोपियों को हमला करने के लिए हथियार भी मुहैया कराए गए थे.